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धरमजयगढ़ ब्लॉक की भू भाग में छिपा है एशिया का सबसे बड़ा कोल भंडार

एशिया का सबसे विराट कोल भंडार, Dharamjaygarh coal mines फिर सुर्खियों मेंरायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ ब्लॉक का वह भूभाग, जो Manpat tarai से लेकर एडू की पश्चिमी सीमाओं तक और आगे कोरबा व घरघोड़ा तहसील तक फैला है, एशिया महाद्वीप के सबसे बड़े कोल भंडार के रूप में आज पूरी दुनिया की निगाहों में है।

यहां मौजूद Dharamjaygarh coal mines की गहराइयों में छिपा काला सोना इतना विशाल है कि भारत की ऊर्जा नीति को दशकों तक दिशा देने की क्षमता रखता है।तीखे विस्तार के बीच सरकार का निर्णायक बढ़त, Dharamjaygarh coal mines पर फोकसकेंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय ने औद्योगिक विकास, विदेशी मुद्रा बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को साधते हुए कई शासकीय एवं commercial coal blocks को उत्खनन के लिए आबंटित किया है।

ब्लॉक के भीतर 1988 से SECL द्वारा छाल, एडू और जामपाली की खदानें संचालित हैं, जबकि नई खदानों के लिए 20–22 किलोमीटर के दायरे में छह विशाल open cast mining प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। शासकीय से कमर्शियल तक, Dharamjaygarh coal mines में कंपनियों की लंबी कतारइन परियोजनाओं में SECL, Karnataka Power Corporation Limited, Neelkanth Company Rampur, Indramani Power Gujarat, PRA Company Surajpur तथा पुरुंगा अंडरग्राउंड खदान के लिए Gautam Adani Group को संचालन अधिकार प्राप्त हुए हैं। SECL को जहां 2014 में नया आवंटन मिला, वहीं KPCL को 2019 में, और शेष चार कंपनियों को 2019–23 के बीच बड़े स्तर पर आबंटन प्रदान किए गए।भूमि अधिग्रहण ने ग्रामीणों में उभारा भय, Dharamjaygarh coal mines पर तीखा विरोधखदानों के लिए अधिग्रहीत क्षेत्र में बसे ग्रामीणों के सामने अचानक आया अधिग्रहण नोटिस किसी चेतावनी बम की तरह फटा। पीढ़ियों से इसी भूमि पर गुजर-बसर करने वाले ग्रामीण स्वामित्व, संस्कृति और भविष्य के अनिश्चित प्रश्नों को लेकर आंदोलित हैं।

Dharamjaygarh coal mines के विस्तार के साथ ही विरोध की आग अब कई गांवों तक फैल चुकी है।सरकार विकास के संकल्प के साथ अडिग, Dharamjaygarh coal mines का संचालन अनिवार्यराज्य व केंद्र सरकारों का मानना है कि इन खदानों का दोहन केवल खनन तक सीमित नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक तीव्रता, रोजगार विस्तार और विदेशी मुद्रा बचत का मूल आधार है। open cast mining के जरिए निकला कोयला न सिर्फ पावर प्लांटों को नई ऊर्जा देगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास, रॉयल्टी और आर्थिक गतिविधियों को भी तेज गति प्रदान करेगा। सरकार स्पष्ट संकेत दे रही है कि आर्थिक प्रगति के लिए इन commercial coal blocks का सक्रिय होना अनिवार्य है।

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