Uncategorized

धर्मजयगढ़ में भारतमाला परियोजना: भूमि मुआवजा दावा–आपत्ति के लिए 10 दिसंबर तक मौका

11 गांवों के 578 किसानों की भूमि अधिग्रहित, अधिकांश को मुआवजा, शेष किसानों से समय पर दावा पेश करने की अपील

धरमजयगढ़ – केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना (सड़क) के अंतर्गत भारतमाला परियोजना 130A उर्गा से पत्थलगांव तक लगभग 146 किलोमीटर निर्माण भूमि कुछ किलोमीटर छोड़ कर धर्मजयगढ़ अनुविभाग से होकर गुजर रहा है। जिसमें कई गांव की 578 किसानों की भूमि अधिग्रहीत कर कुछ किसानों को छोड़कर सभी को मुआवजा वितरण कर दिया है। आयुक्त बिलासपुर संभाग,बिलासपुर छत्तीसगढ़ के ज्ञापन अनुसार कार्यालय कलेक्टर (भू – अर्जन शाखा) जिला रायगढ़ द्वारा इश्तिहार जारी कर शिकायत या आपत्ती होने पर दावा/आपत्ती प्रस्तुत करने का नियमित तिथि प्रकाशित कर किसानों को सूचना किया है

भारतमाला परियोजना के अंतर्गत धर्मजयगढ़ अनुविभाग के अंतर्गत 11 ग्रामो के 1 से 578 किसानों की भूमि अर्जन किया गया है जिसमें ग्राम वगुडेगा क्रमांक 1 से 56 बांकारूम 57 से 143 बायसी 144से 237 धर्मजयगढ़ 238 से 267 रोरूमा 268 से 323 तेजपुर 324 से 340 सिसरंगा 341 से 355 कोयलर 456 से 491 खड़ागांव 492 से 520 बायसी कालोनी 521 से 565 धरमजयगढ़ कलोनी 566 से 578 भूमि अर्जन किया गया है शासन के निर्धारीत मापदंडों/ मियमो के तहत भूमि का मुआवजा कुछ किसानो को छोड़कर प्रदान किया गया है

कार्यालय कलेक्टर (भू – अर्जन शाखा )जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ द्वारा दिनांक 26/11/2025 को ईश्तहार जारी कर सर्व साधारण को सूचित किया है आयुक्त बिलासपुर संभाग बिलासपुर छत्तीसगढ़ के ज्ञापन क्रमांक 4028/सहो० अधी० (रा०)/2025 बिलासपुर की के निर्देश दिनांक 13.11.2025 को रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ अनुविभाग अंतर्गत प्रभावित किसानों की मुआवजा निर्धारण के संबंध में यदि कोई शिकायत या आपत्ति हो तो दिनांक 10.12.2025 तक सुनिश्चित आधार सहित कार्यालय कलेक्टर (भू-अर्जन शाखा कक्ष क्रमांक 17) रायगढ़ में लिखित रूप में दावा आपत्ती प्रस्तुत कर सकते हैं तथा निर्धारित समय विधि पश्चात प्राप्त दावा आपत्ती पर विचार नहीं किया जायेगा। संपूर्ण जानकारी जिले के वेबसाइट www.raigarh.gov.in पर अपलोड किया गया है जिससे सर्व भूमिस्वामि एवं हितबंधू पक्षकार उपरोक्त वेबसाइट पर अवलोकन कर सकते हैं।

इस परियोजना में 2-3 गांव के कुछ किसानों याने 10 से 12 लोगों को अभी तक मुआवजा आप्राप्त है। अनुविभाग के अंतर्गत लगभग 7 किलोमीटर सड़क K.P.C.L कोयला कंपनी की भूमि पर होने से यह कार्य अभी तक आरंभ नहीं हुआ है। इधर कुछ स्वामि तत्व अपने हित के लिए घुम-घुम कर पेशा कानून का गलत परिभाषित कर रहे हैं तथा सड़क निर्माण और रेल परीयोजना में परी संपत्तियों में मलाई खा चुके हैं तथा उस परियोजना मैं भूमि का मुआवजा आप्राप्त लोगों के लिए कोई उचित मार्गदर्शन भी नहीं कर रहे हैं परंतु सरकार द्वारा उपरोक्त ईश्तहार के आधार पर भूमि अर्जन शाखा जाकर अप्राप्त भूमि मुआवजा किसान अपना दावा/आपत्ति करना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *