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जल-जंगल-ज़मीन की आवाज़ दबाने की कोशिश!जिंदल–गारे पेलमा विरोध स्थल पहुंचने से पहले सामाजिक कार्यकर्ता रिनचिन पुलिस हिरासत में?

धरमजयगढ़/रायगढ़ (तमनार)तमनार क्षेत्र से इस वक्त की बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जिंदल गारे पेलमा सेक्टर-1 के खिलाफ चल रहे जनआंदोलन का आज छठवां दिन है। आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन लगातार सतर्क नजर आ रहा है,सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आदिवासियों के जल-जंगल-ज़मीन और पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) तक पहुंचाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रिनचिन को पुलिस ने धरना स्थल पहुंचने से पहले ही अपने साथ ले लिया है,बताया जा रहा है कि रिनचिन तमनार स्थित विरोध स्थल पर बस से उतारते कर जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में लिया। छत्तीसगढ़ के कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है।इस घटना के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि रिनचिन को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है और उनका मोबाइल फोन भी पुलिस कस्टडी में है,मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के कई सामाजिक और जनसंगठनों में तीव्र आक्रोश देखने को मिल रहा है। संगठनों ने पुलिस-प्रशासन पर दमनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा है कि कॉरपोरेट दबाव में जनआंदोलनों और आदिवासी अधिकारों की आवाज़ को कुचलने की कोशिश की जा रही है,अब सवाल यह उठता है कि—क्या जल-जंगल-ज़मीन की लड़ाई लड़ना अपराध बन गया है?और क्या कॉरपोरेट हितों के आगे लोकतांत्रिक विरोध को दबाया जा रहा है?स्थिति पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है।

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