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धरमजयगढ़ में ‘भूमि स्वामी हक विवाद’ गहराया: विभाजनकालीन विस्थापितों की भूमि पर अवैध दावों से बढ़ी तनाव की स्थिति

विभाजन के समय बसाए गए 642 परिवार, शासन ने दिए थे भूमि स्वामित्व के अधिकार

धरमजयगढ़ (रायगढ़) में भारत–बांग्लादेश विभाजन के बाद 642 परिवारों को RR Number जारी करते हुए 5 से 7 एकड़ भूमि आवंटित कर धरमजयगढ़ कॉलोनी, बयासी कॉलोनी और सागरपुर कॉलोनी बसाई गई थी। वर्ष 2014 में राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के आदेश के आधार पर इन परिवारों को Bhumi Swami Hak Vivad को समाप्त करने हेतु स्वामित्व देने की प्रक्रिया शुरू की गई। 2016–17 में आवश्यक दस्तावेजों के बाद कई विस्थापितों को विधिवत पट्टे जारी किए गए।15–20 गैर-विस्थापित परिवारों पर

आरोप: पटवारियों की सांठगांठ से कराया पट्टा स्थानीय सामाजिक प्रतिनिधियों का कहना है

कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए लगभग 15–20 गैर-विस्थापित परिवारों ने कथित रूप से पटवारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से पट्टा तैयार करा लिया। यह मामला अब बड़ा Bhumi Swami Hak Vivad बन चुका है, क्योंकि ऐसे लोगों के नाम खसरा बी-1 में भी दर्ज कर दिए गए, जो मूल पात्रता से बाहर हैं।

पूर्व पार्षद ने की आपत्ति, RR Number जाँच की मांग पर भी नहीं हुई कार्रवाई न्यायालय तहसीलदार कार्यालय द्वारा 2016 में जाति दावा और आपत्ति आमंत्रित की गई थी। इस पर पूर्व पार्षद और जागरूक नागरिकों ने 24 अगस्त 2016 को लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए मांग की कि केवल उन्हीं को भूमि पट्टा मिले जिनके RR Number प्रमाणित हों।उनका कहना था कि शासन ने प्रत्येक परिवार के मुखिया के नाम ही एक अस्थाई पट्टा जारी किया था, परंतु कुछ लोगों ने कूटरचित दस्तावेजों से अपने अन्य परिजनों के नाम रिक्त जमीन पर दर्ज करवा लिए, जिससे कुल खातेदार 642 से बढ़कर 686 हो गए। इसके बावजूद तत्कालीन तहसीलदार द्वारा आपत्तियों को दरकिनार कर दिया गया।

RR Number की जांच किए बिना स्वामित्व अधिकार जारी, अब बढ़ रही हैं दिक्कतें स्थानीय सूत्रों का कहना है कि तत्कालीन तहसीलदार ने बिना RR Number सत्यापन के ही विवादित आवेदकों को स्वामित्व अधिकार दे दिए। अब जब केंद्र सरकार की कोयला मंत्रालय द्वारा यहां Coal Mining Project के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है, तब यह विवादित परिवार भूमि राजसात होने के डर से अन्य विस्थापितों को भ्रमित कर रहे हैं और विरोध का माहौल तैयार कर रहे हैं।अवैध पट्टों की जांच और निरस्तीकरण की मांग तेज विस्थापित समुदाय ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से बने सभी पट्टों की जांच की जाए और Patta Janch प्रक्रिया RR Number की मूल सूची से मिलान कर पुनः शुरू हो। लोगों का कहना है कि असली विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा और विकास परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए अवैध पट्टों को निरस्त करना न्यायसंगत कदम होगा।यह पूरा विवाद अब तेजी से एक बड़ा Bhumi Swami Hak Vivad बनता जा रहा है।

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