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कोल ब्लॉक आवंटन में गाईडलाईन रेट का झटका

आने वाले सभी नए कोयला खदानों के भू-अर्जन अवार्ड राशि पर पड़ेगा असर, तमनार, धरमजयगढ़, खरसिया और घरघोड़ा में ग्रामीणों को मिलेगा ज्यादा मुआवजा

धरमजयगढ़

कोल ब्लॉक हासिल करने के बाद कंपनियां मुआवजे की दर कम होने का फायदा उठाती रहीं। 12 साल पहले तक बेहद कम मुआवजा देकर जमीनें ली गईं। इसके बाद चार गुना मुआवजे के अधिनियम ने तस्वीर बदली। अब नई गाइडलाईन दरों ने बेसिक दरों को ही दो-तीन गुना बढ़ा दिया है। जब भी उद्योग विभाग या एसडीएम के माध्यम से किसी प्लांट, रेल लाईन, रोड और कोयला खदान के लिए भूमि अधिग्रहित की जाती है तो गाइडलाईन दरें देखी जाती हैं।

वहां के गाइडलाईन दरों में के हिसाब से आकलन किया जाता है। पुरानी गाइडलाईन दरें बहुत कम थी। इसका चार गुना मुआवजा मिलता है। अब सरकार ने नई दरें घोषित की हैं। इसमें दरें बढ़ाई गई हैं। इसका सीधा असर उन गांवों में पड़ेगा, जहां कोल ब्लॉक या प्लांट के लिए अधिग्रहण होना है।जहां धारा प्रकाशन हो चुका है, वहां संभवत: पुरानी दर से गणना होगी, लेकिन जिस प्रोजेक्ट में अभी प्रक्रिया प्रारंभ भी नहीं हुई है, वहां नए रेट का चार गुना मुआवजा देना पड़ेगा। उदाहरण के लिए खरसिया में वेदांता लिमिटेड का बर्रा कोल ब्लॉक आने वाला है। वहां जोबी और बर्रा समेत करीब पांच गांव प्रभावित होंगे। बर्रा में पहले रोड किनारे की भूमि का गाइडलाइन मूल्य 10.71 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर था जो करीब साढ़े 4 लाख रुपए एकड़ होता था। कलेक्टर दर से कम होने की वजह से यहां 6, 8 और 10 लाख रुपए की दर से गणना होती। एक एकड़ पर अधिकतम 40 लाख रुपए ही मिलते। लेकिन अब बर्रा में गाइडलाईन रेट 41 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मतलब 17 लाख रुपए एकड़ होगा। अब मुआवजा 68 लाख रुपए प्रति एकड़ मिलने की संभावना है।सभी नए कोल ब्लॉक की प्रोजेक्ट कॉस्ट बढ़ेगी रायगढ़ जिले में कई नए कोल ब्लॉक आवंटित हुए हैं।

धरमजयगढ़ में दुर्गापुर-सरिया, दुर्गापुर-तराईमार, बायसी, दुर्गापुर, वेस्ट ऑफ बायसी, पुरुंगा, शेरबंद, तमनार में जरेकेला, गारे पेलमा सेक्टर-1, बनई-भालुमुड़ा आदि कोल ब्लॉक समेत करीब 15 कोल प्रोजेक्ट शुरू होने वाले हैं।

सभी कंपनियों को अब ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ेगी। इससे भूमि स्वामी को लाभ होगा।एयरपोर्ट बनाना भी होगा महंगा कोंड़ातराई एयरपोर्ट के लिए भी अब राज्य सरकार को ज्यादा बजट रखना पड़ेगा। औरदा, जकेला, बेलपाली और कोंड़ातराई में भू-अर्जन होना है। उदाहरण के लिए कोंड़ातराई में सडक़ किनारे की जमीन का गाइडलाईन रेट 28.19 लाख रुपए था, जो अब 1.09 करोड़ किया गया है। इसी तरह 20 मीटर के बाद अंदर की जमीन की दर सिंचित 22.73 लाख और असिंचित 13.97 लाख रुपए थी। अब यह दर 68 लाख रुपए हो गई है। दरों में करीब तीन से पांच गुना बढ़ोतरी हुई है। इसका असर भू-अर्जन पर पड़ेगा।

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